- Netizens hail Varun Dhawan’s acting in Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai call it a ‘Paisa Vasool Entertainer'
- June Calls for a Laugh: The Best Comedy Titles to Stream on Netflix
- एका मोबिलिटी ने पुणे प्लांट से 1,000वें एससीवी को हरी झंडी दिखाई
- मोटोरोला ने लॉन्च किया edge 70 pro+, जो 2026 का सबसे स्टाइलिश फ्लैगशिप किलर स्मार्टफोन है
- जावेद जाफरी ने सरोज खान को दिया श्रेय, कहा उन्होंने सिखाया कि डांस में एक्सप्रेशन कितनी अहम है
‘पास द बैटन ऑफ लाइफ’ मैराथन के साथ USICON 2026 का समापन
दौड़ते कदमों से ऑर्गन डोनेशन का संदेश, इंदौर ने फिर दिखाया स्वास्थ्य और सेवा का जज़्बा
इंदौर, फ़रवरी 2026। चार दिनों तक चले ज्ञान, तकनीक, फिटनेस और सांस्कृतिक उत्सव के बाद USICON 2026 का अंतिम दिन एक अनोखे अंदाज़ में यादगार बन गया। जहां पहले तीन दिन वैज्ञानिक सत्रों, लाइव सर्जरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा के नाम रहे, वहीं चौथा और आखिरी दिन पूरी तरह समाज, सेवा और स्वस्थ जीवनशैली को समर्पित दिखा। सुबह की ठंडी हवा में जब सैकड़ों डॉक्टर, डेलीगेट्स और शहरवासी एक साथ मैराथन ट्रैक पर उतरे, तो यह सिर्फ दौड़ नहीं बल्कि एक सामाजिक संदेश बन गया। ‘पास द बैटन ऑफ लाइफ’ थीम के साथ आयोजित इस रन ने ऑर्गन डोनेशन, फिटनेस और जागरूकता की अलख जगाई।
सुबह से ही शहर के प्रमुख मार्गों पर ऊर्जा और उत्साह का माहौल था। देश-विदेश से आए यूरोलॉजिस्ट्स, युवा रेजिडेंट्स, मेडिकल स्टूडेंट्स और स्थानीय नागरिकों ने कंधे से कंधा मिलाकर भाग लिया। कई डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन थिएटर में जिंदगी बचाने वाले हाथ आज सड़कों पर दौड़कर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दे रहे हैं। सफेद कोट की जगह टी-शर्ट और रनिंग शूज़ में नजर आए विशेषज्ञों ने यह साबित कर दिया कि फिटनेस ही असली दवा है। आयोजन समिति ने बताया कि इस रन का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि एक व्यक्ति का ऑर्गन डोनेशन कई जिंदगियां बचा सकता है।
मैराथन के साथ-साथ अंतिम दिन शैक्षणिक गतिविधियां भी जारी रहीं। विभिन्न केंद्रों पर यूरोपियन बोर्ड एग्जाम और विशेषज्ञता मूल्यांकन सत्र आयोजित किए गए, जहां युवा डॉक्टरों ने अपनी स्किल्स और ज्ञान की परीक्षा दी। वरिष्ठ फैकल्टी ने उन्हें मार्गदर्शन दिया और भविष्य की चिकित्सा चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी। इस तरह चौथे दिन ने अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी, दोनों का संतुलन पेश किया।
चार दिनों के इस आयोजन में 2000 से अधिक डेलीगेट्स, 70 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी और सैकड़ों वैज्ञानिक प्रस्तुतियों ने इंदौर को वैश्विक मेडिकल मैप पर स्थापित कर दिया। रोबोटिक सर्जरी, लेजर तकनीक, लाइव ऑपरेशन, AI आधारित ट्रीटमेंट और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग ने डॉक्टरों को नई दिशा दी, वहीं साइक्लोथॉन, हेरिटेज वॉक, सांस्कृतिक संध्या और मैराथन जैसे आयोजनों ने इसे केवल कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि ‘हेल्थ फेस्टिवल’ बना दिया।
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. सुशील भाटिया ने कहा, “हम चाहते थे कि USICON का समापन समाज के लिए एक संदेश के साथ हो। मैराथन और ऑर्गन डोनेशन अभियान इसी सोच का हिस्सा है। डॉक्टर केवल अस्पतालों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में हेल्थ अवेयरनेस के ब्रांड एंबेसडर बनें।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. संजय शिंदे ने कहा, “यह चार दिन केवल मेडिकल चर्चा नहीं थे, बल्कि जीवनशैली सुधार का अभियान थे। अगर लोग फिट रहेंगे, समय पर जांच कराएंगे और अंगदान जैसे नेक कार्यों में आगे आएंगे, तो हजारों जिंदगियां बच सकती हैं। यही USICON का असली उद्देश्य है।”
ऑर्गनाइजिंग कमेटी के ट्रेज़रर डॉ. नितीश पाटीदार ने बताया, “इंदौर ने जिस तरह इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी की, वह गर्व की बात है। इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुशासन और मेहमाननवाजी ने सभी का दिल जीता है। हमें विश्वास है कि आने वाले वर्षों में इंदौर मेडिकल टूरिज्म और हेल्थ एजुकेशन का बड़ा केंद्र बनेगा।”
को-ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. रवि नागर ने कहा कि इस सम्मेलन में सीखी गई आधुनिक तकनीकें अब छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर इलाज पहुंचाने में मदद करेंगी, जबकि को-ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. श्याम अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और किसी भी यूरोलॉजी समस्या के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
चार दिनों की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि इंदौर अब केवल ‘क्लीनस्ट सिटी’ नहीं, बल्कि ‘हेल्थ, साइंस और ह्यूमैनिटी’ की भी राजधानी बन चुका है। USICON 2026 ने शहर को नई पहचान और हजारों लोगों को नई उम्मीद देकर यादगार विदाई ली।


